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हनुमान चालीसा — पाठ और भावार्थ
आरती

हनुमान चालीसा — पाठ और भावार्थ

श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि।
बरनऊँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि॥

भाव

चालीसा में श्री हनुमान के पराक्रम, ज्ञान, भक्ति और श्रीराम के प्रति समर्पण का वर्णन मिलता है।

पूरा पाठ पढ़ते समय उच्चारण और छंद की लय का ध्यान रखें।