श्लोक एवं सुभाषित
गणेश श्लोक
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभः । निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥ 📖 स्रोत: गणेश पुराण भावार्थ: यह श्लोक भगवान गणेश की स्तुति में है। किसी भी शुभ कार्य के आरंभ में इसका पाठ विघ्नों के नाश हेतु किया जाता है। यथा तमो नाशयितुं प्रभाते भा
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