मुख्य चरण
- शुद्धि एवं मंगल प्रवेश।
- गणेश पूजन और संकल्प।
- कलश स्थापना।
- वास्तु/गृह शांति से संबंधित पूजन।
- हवन, पूर्णाहुति और आरती।
नोट
गृहप्रवेश की विस्तृत विधि क्षेत्रीय परंपरा, कुलाचार और पुरोहित की पद्धति के अनुसार बदल सकती है।
गृहप्रवेश की विस्तृत विधि क्षेत्रीय परंपरा, कुलाचार और पुरोहित की पद्धति के अनुसार बदल सकती है।