सरल क्रम
- स्थान की स्वच्छता और मन को शांत करना।
- आचमन तथा प्रार्थना।
- सूर्य स्मरण/अर्घ्य, जहाँ परंपरा में प्रचलित हो।
- गायत्री मंत्र का ध्यानपूर्वक पाठ।
- समापन प्रार्थना।
व्यक्तिगत संप्रदाय या गुरु-परंपरा की विधि को प्राथमिकता दें।
व्यक्तिगत संप्रदाय या गुरु-परंपरा की विधि को प्राथमिकता दें।