मुख्य चरण
आचार्य-स्वीकार, संकल्प, यज्ञोपवीत धारण, गायत्री-उपदेश तथा ब्रह्मचर्य संबंधी संकल्प इसके प्रमुख पक्षों में बताए जाते हैं।
विधि में गृह्यसूत्र, शाखा और परिवार की परंपरा के अनुसार पर्याप्त अंतर हो सकता है।
आचार्य-स्वीकार, संकल्प, यज्ञोपवीत धारण, गायत्री-उपदेश तथा ब्रह्मचर्य संबंधी संकल्प इसके प्रमुख पक्षों में बताए जाते हैं।
विधि में गृह्यसूत्र, शाखा और परिवार की परंपरा के अनुसार पर्याप्त अंतर हो सकता है।