संपादकीय डेस्क 30 सितंबर 2026⏱ 1 मिनट पढ़ें👁 143
संस्कृत केवल भाषा नहीं, भारतीय चिंतन की धारा है।
भाषा का सम्मान संस्कृति का सम्मान है।
आज की प्रासंगिकता शब्द-निर्माण, उच्चारण और अनुशासन की दृष्टि से संस्कृत विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है।
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संपादकीय डेस्क
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