संपादकीय डेस्क 04 अक्टूबर 2026⏱ 1 मिनट पढ़ें👁 183
तैयारी स्वच्छ स्थान पर थाली में दीपक, पुष्प और अक्षत रखें।
विधि दीपक को देवता के सामने घड़ी की दिशा में घुमाएँ और शांत स्वर में आरती गाएँ।
आरती में भाव का महत्व स्वर से अधिक है।
समापन आरती के बाद सभी को प्रसाद दें।
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संपादकीय डेस्क
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